लॉकडाउन से सीखे सबक का नतीजा, मजदूरों द्वारा निजी वाहनों से दीगर प्रदेशों में कमाने जा रहे…


बिलासपुर 20 नवंबर 2020:- दिवाली के बाद मजदूरों का दीगर प्रदेशों की ओर रोजी-रोटी की तलाश में जाने का सिलसिला शुरू हो गया है। मजदूर दलाल सक्रिय हो गए हैं। वहीँ खुद होकर दीगर प्रदेशों में जाने वाले कुशल मजदूर लॉकडाउन के दौरान गुजरे दिन को लेकर सचेत हो गये हैं। मजदूर अब यह सफ़र बस, ट्रेन की जगह अपनी खुद की मोटरसाइकिल से तय करने लगे हैं।

मिडिया रिपोर्ट के मुताबिक बिलासपुर संभाग के बिलासपुर और मुंगेली जिले से कई मजदूर सपरिवार मोटरसाइकिल से उत्तरप्रदेश, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश की ओर रवाना हुए हैं।

इन मजदूरों का कहना था कि अगर देश में फिर से लॉकडाउन की नौबत आ गई तो उन्हें पहले की तरह मुसीबतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। पैदल नहीं आना पड़ेगा, कम से कम घर अपने इसी दुपहिये से लौट तो सकेंगे। वे पहले से ज्यादा बेफिक्र होकर जा रहे है।

लॉकडाउन की पीड़ा झेल चुके मुंगेली के एक मजदूर का कहना था कि उसके गाँव के आसपास से कई मजदूर इसी तरह दुपहिये से उन इलाकों में जा चुके हैं जहाँ वे पहले काम करते थे।

जिनके पास मोटरसाइकिल नहीं था उन्होंने क़िस्त में खरीद ली है। कई वहां जाकर अपने मालिक से पैसे लेकर क़िस्त जमा कर रहे हैं।

बता दें कि कुशल श्रमिक अपनी व्यवस्था से जाने लगे हैं, लेकिन ईट भट्टे में कम करने वाले दलालों के रहमोकरम पर हैं। लॉकडाउन के दौरान इस तरह के अकुशल मजदूरों ने सबसे ज्यादा तकलीफें झेली थीं।

बता दें कि दलालों द्वारा कसडोल के रास्ते बिलासपुर रेलवे स्टेशन बसों से ले कर जाते सैकड़ों मजदूरों को कसडोल एस डी एम ने पकड़ा था।