राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन की एमडी डॉ.प्रियंका शुक्ला कोरोना सर्वे अभियान का जायजा लेने रायगढ़ पहुंची


रायगढ़ 10 अक्टूबर 2020:- राष्ट्रीय शहरी स्वास्थ्य मिशन की डायरेक्टर डॉ प्रियंका शुक्ला की टीम ने रायगढ़ में चलाए जा रहे कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे अभियान का निरीक्षण किया। उन्होंने शहर के विभिन्ना सैंपल कलेक्शन सेंटर में जाकर टेस्टिंग कार्य को देखा और टीम को इस महत्वपूर्ण कार्य को पूरी गंभीरता व जिम्मेदारी से करने के निर्देश दिए। डॉ शुक्ला ने कहा कि कोरोना सघन सामुदायिक सर्वे अभियान संक्रमण की चेन तोड़ने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, जितनी जल्द संक्रमित की पहचान होगी उसे आइसोलेट करते हुए इलाज मुहैय्या करवाया जा सकेगा और यह मरीज को गंभीर स्थिति में जाने से बचाएगा। उन्होंने सभी सर्वे टीम को निर्देशित करते हुए कहा कि घर.घर जाकर हाई रिस्क व्यक्ति यों जिन्हें कोई गंभीर बीमारी हो, गर्भवती महिलाएं व बधाों के साथ कोरोना के लक्षण वाले लोगों की पहचान कर उनकी टेस्टिंग करें।

उन्होंने लोगों से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा कि जनसहयोग से ही हम कोरोना की रोकथाम में सफल हो सकते हैं। अपने निरीक्षण के दौरान मिशन डायरेक्टर शहर के स्वास्थ्य सुविधा केन्द्र राजीव नगर, नवापारा एवं छोटे अतरमूडा मांगलिक भवन में लिए जा रहे कोविड सैंपल पर सेंटर का जायजा लिया। उन्होंने सर्वे में निकले उधा जोखिम कोविड-19 लक्षण वाले व्यक्तियों का रैपिड एंटीजन किट एवं उनके नेगेटिव आने पर लक्षण वाले व्यक्तियों का आरटीपीसीआर तकनीक से जांच करने के निर्देश दिए। इस दौरान एडीएम राजेन्द्र कटारा, सीएमएचओ डॉ.एस.एन.केसरी सहित स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी कर्मचारी मौजूद रहे।

कपड़े का मास्क भी कोरोना वायरस को रोकने में प्रभावी

कोरोना से बचने के लिए मास्क लगाने को सभी कहते हैं। लेकिन लोगों में यह भ्रम है कि कपड़े से बने मास्क वायरस से बचाने में काम नही आते। जबकि कई वैज्ञानिक शोधों में यह बात सामने आई कि कपड़े से बने मास्क पहनने से भी वायरस से सुरक्षा मिलती है। यदि संक्रमण हो भी जाता है तो वह कम तीव्रता या कम वायरल लोड या बिना लक्षण वाला रहता है। सैनफ्रसिंसको में यूनिवर्सिटी ऑफ केलीफोर्निया में जुलाई में हुए अध्ययन में यह बात सामने आई। साथ ही एक मीटर की दूरी भी जरूरी है। मास्क सही प्रकार से पहनना भी उतना ही जरूरी है जितना कि उसे पहनना। लोगों में यह धारणा है कि मास्क पहन कर बात करने से आवाज साफ सुनाई नही देती। जबकि ऐसा नही है। यह केवल एक मेंटल बैरियर है। मास्क पहने बस थोड़ा ऊंचा बोल कर हम वायरस से बच भी सकते हैं और दूसरों को संक्रमण से बचा भी सकते हैं। मास्क गले में लटका कर फिर वापस पहनने से संक्रमण, मास्क की अंदर की सतह तक आता है और नाक तक वापस इसे खींचने से यह वायरस अंदर चला जाता है। वैज्ञानिकों का यह भी कहना है कि बंद जगहें, बंद कमरों में समूह में रहने से बचना चाहिए। इसके स्थान पर खुली जगह में रहकर गतिविधियां करनी चाहिए। संक्रमित व्यक्ति के बंद स्थान पर रहने से संक्रमण की संभावनाएं बढ; जाती हैं और उसके उस स्थान से जाने के बाद भी वायरस वातावरण में रहता है।