रायगढ़ की फिर एक बेटी दहेज लोभियों की प्रताड़ना की शिकार हुई। देखें FIR की कॉपी

रायगढ़ 27 जुलाई 2020:- हम इक्कसवीं सदी में जरूर आ गए हैं लेकिन हमारे समाज की मानसिकता अभी पुरातन काल में जकड़ी हुई है। जिसके कारण समय-समय पर कोई ना कोई शिकार होता है। इसमें सबसे ज्यादा केस दहेज उत्पीड़न का आता है।आज का ताजा मामला एक ऐसी विवाहिता का है जिसकी शादी पूरे सामाजिक रीति रिवाज के साथ 2015 में हुआ था।

पीड़िता के द्वारा सरिया थाने में कराई गई FIR से मिली जानकारी के मुताबिक महिला की शादी करीब पांच साल पहले (2015) में देवगांव निवासी निर्मल ईजारदार पिता रमेश ईजारदार, माता भगवती ईजारदार के साथ पारिवारिक सहमति से सामाजिक रिति रिवाज से हुई थी। विवाह के लगभग तीन माह तक महिला ससुराल में ठीक से रही। उसके बाद दहेज लोभी पति व सास ससुर ने दहेज के लिए प्रताडऩा शुरू कर दी। जबकि विवाह के समय उसके पिता ने अपनी हैसियत के मुताबिक 5 तोला सोना, छह लाख रुपए का सामान एवं वाहन के लिए अलग से 1 लाख रुपए कैश दिया था। बावजूद इसके दहेज कम लाने की बात कह कर उसके पति निर्मल व सास भगवती द्वारा ताना मारते थे। महिला का पति निर्मल इजारदार ओडि़शा के अंगुल में नौकरी करता था। घर में महिला अपने सास व ससुर के साथ रहती थी। इस पर उसके ससुर उस पर बुरी नजर रखता था और उसके हाथ बांह को पकडऩे का प्रयास करता था और किसी न किसी बहाने उसे छूने का प्रयासरत रहता था। एक दिन उसके कमरे में घुस आया और जबर्दस्ती करने की कोशिश करते हुए छेडख़ानी की।

महिला का आरोप है कि इसमें उसका पति और उसकी सास भी सहयोग करते थे। विरोध करने पर प्रताडि़त किया जाता था। विवाहिता डर के साये में जी रही थी। दहेज के लिए प्रताडि़त करने पर सामाजिक बैठक हुई थी जिसमें किसी भी तरह से प्रताडि़त नहीं करने का समझौता हुआ था। इसके बाद भी दहेज के लिए मारपीट किया गया। विवाहिता का आरोप है कि इस बीच 1 लाख रुपए मायके से लाने के लिए मजबूर किया गया। तभी उसके भाई द्वारा 1 लाख रुपए लाकर उसके ससुराल वालों को कैश दिया गया। बावजूद इसके दहेजलोभियों का लोभ खत्म नहीं हुआ और फिर से 3 लाख रुपए मायके से लाने के रोज प्रताडि़त किया जा रहा था और तीन दिनों से कमरे में कैद कर दिया गया और 23 जुलाई को उसके पति निर्मल, ससुर रमेश और सास भगवती द्वारा मारपीट किया गया। उसके गर्भ में पल रहे बच्चे को खत्म करने के लिए उसके पेट पर भी लात मारी। महिला द्वारा विरोध किया गया तो उसके पति व ससुर ने लोहे का छड़ लेकर जान से मारने के लिए दौड़े तो वह अपनी जान बचाने पड़ोसी के घर में घुस गई। गांव वालों की मदद से अपनी जान बचाई और उसके बाद डायल 112 में कॉल कर पुलिस की मदद ली।

देखें FIR की कॉपी:-