पूर्व मंत्री नेताम ने लगाए भूपेश बघेल जिंदाबाद के नारे..! जानिए वायरल वीडियो की सच्चाई..!


रायपुर। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की विधानसभा पाटन में रविवार को एक रोचक नजारा देखने को मिला। प्रदेश की कानून व्यवस्था को लेकर पाटन में आमरण अनशन पर बैठे दुर्ग सांसद विजय बघेल के समर्थन में राज्यसभा सदस्य और पूर्व मंत्री रामविचार नेताम सभा करने पहुंचे थे। नेताम ने विरोध के बीच मुख्यमंत्री भूपेश बघेल जिंदाबाद का नारा लगवा दिया। नेताम ने एक नहीं दो-दो बार भूपेश बघेल जिंदाबाद का नारा लगावाया।

नेताम ने कहा कि जहां तक मेरी आवाज जा रही है, एक-एक कार्यकर्ता पूरे जोश के साथ आवाज लगाएगा। इसके बाद उन्होंने भूपेश बघेल जिंदाबाद का नारा लगाया। कार्यकर्ताओं ने भी उनके साथ जिंदाबाद के नारे लगा दिए।बाद में नेताम को समझ में आया कि उन्होंने गलत नारा लगवा दिया। इसके बाद उन्होंने मुर्दाबाद के नारे लगाए। लेकिन तब तक उनका नारा वीडियो में कैद हो गया।

इसके बाद क्या था, नेताम के जिंदाबाद वाले वीडियो को कांग्रेस नेताओं ने सोशल मीडिया पर जमकर ट्रोल किया। सोशल मीडिया के सभी प्लेटफार्म पर यह वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया। इसी तरह से कार्यक्रम का संचालन कर रहे जिला महामंत्री देवेंद्र चंदेल ने साजा के पूर्व विधायक लाभचंद बाफना की जगह रविंद्र चौबे का नाम ले लिया।

इस बीच, राज्यपाल अनुसुईया उइके के आश्वासन के बाद विजय बघेल ने अपना आमरण अनशन समाप्त कर दिया। पूर्व मुख्यमंत्री डा. रमन सिंह ने बघेल को खिचड़ी खिलवाकर अनशन तुड़वाया। पाटन पहुंच कर भाजपा नेताओं ने बदलापुर सरकार के विरुद्घ संघर्ष का नारा बुलंद किया , बटरा दाल जूस पिलाकर विजय बघेल का आमरण अनशन तुड़वाया। बृजमोहन अग्रवाल, नारायण चंदेल, प्रेमप्रकाश पाण्डेय, नवीन मारकंडेय, मोतीलाल साहू ने पाटन पहुंचकर समर्थन दिया। डा. रमन सिंह ने कहा कि बदलापुर सरकार के उत्पीड़न के खिलाफ हर जगह, हर मोर्चे पर कार्यकर्ता दृढ़ता से डटे हुए हैं। भूपेश सरकार जितना भी दमनात्मक कार्रवाई कर ले, कार्यकर्ता डरने वाले नहीं है। नेताम ने सभा मे कहा कि पाटन जैसे झूठे मामलों में पूरे प्रदेश भर के कार्यकर्ताओं को फसाया जा रहा है। भूपेश सरकार आने के बाद राज्य में कानून व्यवस्था ठप पड़ गई है। हर तरह अपराधियों का बोलबाला है, लुट, बलात्कार, ड्रग्स की खबरें प्रतिदिन सुनाई पड़ रही है, लेकिन सरकार उसे रोकने के बजाय झूठे मामले बनाकर कार्यकर्ताओ को फसा रही है, जो लोकतंत्र के लिए खतरनाक है।