छत्तीसगढ़ निगम-मंडलों में नियुक्ति से प्रमुख पद खाली…सीएम फिर चलेंगे तुरुप के पत्ते

पीसीसी में शामिल होंगेे कई नए चेहरे

रायपुर 27 जुलाई 2020:- निगम-मंडलों-आयोगों और सरकार में संसदीय सचिवों की नियुक्ति के बाद प्रदेश कांग्रेस में भी कई नए चेहरे शामिल किए जा सकते हैं। कांग्रेसी हलकों में चर्चा है कि जिस तरह मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने संसदीय सचिवों और निगम-मंडलों व आयोगों में नियुुक्तियों के जरिए सत्ता और संगठन में अपनी पकड़ और रणनीति का परिचय दिया है उसी तर्ज पर वे संगठन में खाली हो रहे पदों और बचे हुए निगम-मंडलों में नियुक्ति के मामले में भी तुरूप के पत्ते चलकर अपने राजनीतिक कौशल से सबको चौकाएंगे। चर्चा है एक व्यक्ति, एक पद के सिद्धांत पर अमल करते हुए संसदीय सचिव बनाए गए विधायकों में अगर किसी के पास सांगठनिक पद है तो उसे संगठन से मुक्त किया जाएगा। इसी तरह संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी संभाल रहे व्यक्ति जिसे निगम-मंडल में नियुक्त किया गया है उन्हें भी सांगठनिक पद का त्याग करना होगा। इससे खाली होने वाले सांगठनिक पदों पर नई नियुक्ति की जाएगी।

खबर है कि प्रदेश संगठन ने खाली होने वाले पदों की सूची तैयार कर ली है और जल्द ही इसे आलाकमान को भेजा जाएगा। प्रदेश के निगम-मंडलों और आयोगों में जिनकी नियुक्ति हुई है उनमें कोषाध्यक्ष रामगोपाल अग्रवाल, उपाध्यक्ष गिरीश देवांगन, संचार विभाग के अध्यक्ष शैलेष नितिन त्रिवेदी शामिल हैं। वहीं विधायक दल के सचिव राजेश तिवारी मुख्यमंत्री के सलाहकार हैं जिन्हें हालही मेें कैैबिनेट मंत्री का दर्जा दिया गया हैं। इनके अतिरिक्त संगठन में दायित्व निभाने वाले जिनकी भी नियुक्ति निगम-मंडल में हुई है उनके स्थान पर नए व्यक्ति को जिम्मेदारी दी जाएगी।

शेष निगम-मंडलों में भी जल्द होंगी नियुक्तियां

कांग्रेस सरकार ने निगम-मंडल की पहली सूची में 32 नेताओं को नियुक्त किया है जिनमें ज्यादातर संगठन से हैैं वहीं कुछ विधायकों को भी निगम-मंडलोंं मेंं जगह दी गई है। शेेष निगम-मंडलों में भी जल्द नियुक्ति की कवायद तेज हो गई है। चर्चा है कि आने वाले अगस्त महीने की पहले सप्ताह में ही दूसरी सूची जारी हो जाएगी। दूसरी सूची में भी संगठन से जुड़े कुछ बड़े नामों को नियुक्ति मिलने की संभावना जताई जा रही है। दूसरी सूची जारी करनेे के कवायद के बीच जल्द ही प्रदेश प्रभारी पीएल पुनिया भी रायपुर पहुुंचने वाले है। वे सीएम भूपेश बघेल और प्रदेश अध्यक्ष से नामों को लेकर चर्चा करेंगे।

बदलेगा संचार प्रमुख का चेहरा

निगम-मंडल में सेट हुए पदाधिकारियों के रिक्त पदों पर बड़े और पार्टी के विश्वस्त चेहरे को अवसर मिलेगा। इसके अलावा कई नेताओं को पीसीसी की विस्तारित कार्यकारिणी के अलावा मोर्चा-प्रकोष्ठों में भी जगह दिया जाएगा।। इसके लिए नामों की सूची भी तैयार की जा रही है। संगठन की कोशिश सभी वर्ग को संतुष्ट करने की है। सभी वर्ग और क्षेत्र को ध्यान में रखकर नियुक्तियां की जाएंगी। रामगोपाल अग्रवाल के निगम-मंंडल मेें नियुक्ति से कोषाध्यक्ष की नियुक्ति पर सबकी नजर है। वहीं संचार प्रमुख के पद पर अब तक शैलेषनितिन त्रिवेदी काबिज हैं, संभावना जताई जा रही है कि यह जिम्मेदारी एक बार फिर वरिष्ठ नेता रमेेश वल्र्यानी को मिल सकती है।

इन प्रमुख निगम-मंडलों में नियुक्ति बाकी

राज्य सरकार द्वारा 32 निगम-मंडलों में नियुक्ति की गई है, इसके अलावा लगभग दो दर्जन निगम-मंडलों में अभी नियुक्तियां बाकी हैं। इनमें राज्य ब्रेवरेजेस कार्पोरेशन, पर्यटन मंडल, बीज विकास निगम युवा आयोग, वित्त आयोग, हिन्दी ग्रंथ एकादमीेे, मदरसा बोर्ड, उर्दू अकादमी, राज्य सहकारी दूग्ध संघ, निजी विश्वविद्यालय नियामक आयोग, सीएसआईडीसी, नया रायपुर विकास प्राधिकरण, छग हस्तशिल्प-हाथकरघा बोर्ड जैसी संस्थाएं शामिल हैं जहां नियुक्तियां होनी है।

कई बड़े नाम जिन्हें नियुक्ति का इंतजार

प्रदेश कांग्रेस के कई निष्ठावान और समर्पित नेता-कार्यकर्ता जो सालों से पार्टी के लिए पसीना बहा रहे हैं उन्हें शेष बचे हुए निगम-मंडलों व संगठन में खाली होने वाले पदों पर अपनी नियुक्ति का भरोसा है। ऐसे कई बड़े नाम हैं जिन्हें अपनी नियुक्ति का इंतजार है। ऐसे लोगों में गुरुमुख सिंह होरा, राजकमल सिंघानिया, पारस चोपड़ा, संजय पाठक, इरफान खान(दुर्ग), गोपाल थवाइत, अंबिका मरकाम, अमरजीत चावला, प्रतिमा चंद्राकर, धर्मेन्द्र यादव, आरपी सिंह, हसन खान, मोतीलाल देवांगन का नाम शामिल किया जा सकता है। मोतीलाल देवांगन तो बाकायदा दिल्ली तक सक्रिय हैं और कोशिश में हैं कि उसे भी किसी निगम-मंडल का दायित्व मिल जाए।