एल्डरमैनों की नियुक्ति पर रायगढ़ जिले में भी विरोध शुरू हो गया… मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर जताया विरोध….


रायगढ़ 19 सितंबर 2020:- रायगढ़ नगर निगम क्षेत्र के 8 एल्डरमेन में से 7 की नियुक्ति की जा चुकी है। इन सात नामों को लेकर कांग्रेस दो फाड़ में बंटी नजर आ रही है। कांग्रेस के एक धड़े ने मुख्यमंत्री भूपेश बघेल को पत्र लिखकर पूरे एल्डरमेन की नियुक्तों को संशोधित करने की मांग की है। विदित हो कि नगर निगम रायगढ़ क्षेत्र में लैलूंगा विधानसभा क्षेत्र भी आता है जिन कांग्रेसियों ने सीएम भूपेश बघेल को यह शिकायती चिट्ठी लिखी है उनमें यहीं के कार्यकर्ता हैं।

कांग्रेसी कार्यकर्ताओं का आरोप है कि एल्डरमेन की नियुक्ति में लैलूंगा के कर्मठ कार्यकर्ताओं की अनदेखी की गई है। साथ ही साथ आरोप लगाया है कि जिन लोगों ने चुनाव के बाद जोगी कांग्रेस से कांग्रेस में वापसी की है उन्हें एल्डेरमेन बनाया गया है।

एल्डरमेन की लिस्ट देखने से समझ में आता है कि इसे बनाने में लैलूंगा विधायक चक्रधर सिदार को कॉन्फिडेंस में नहीं रखा गया।
यहां यह बताना लाजिमी है कि नवनियुक्त एल्डरमेन में दयाराम धुर्वे, राजेंद्र पाण्डेय, बिज्जू ठाकुर, चंद्रशेखर चौधरी, वसीम खान, विजय टंडन, राजेश शुक्ला का नाम शामिल है।

इसमें जोगी कांग्रेस से लौटकर आने वाले में दयाराम धुर्वे का नाम प्रमुख है जबकि अन्य सभी एल्डरमेन रायगढ़ विधायक प्रकाश नायक के खास माने जाते हैं। जबकि लैलूंगा विधायक की ओर से अब तक किसी भी एल्डरमेन के नाम पर सहमति नहीं दी गई है। यानी आने वाले समय में एक और एल्डमेन की नियुक्ति होनी है और वह लैलूंगा विधायक की सहमति से होना है।

उपकृत करने के लिए बनाया गया एल्डरमेन

निगम एक्ट के अनुसार निगम क्षेत्र में एल्डरमेन की नियुक्ति इसलिए की जाती है कि सत्ता पक्ष सदन का संचालन बेहतर तरीके से कर सके। चूंकि एल्डरमेन नियम कानून और क्षेत्र के जानकार होते हैं इसलिए इनकी नियुक्ति पर पूरे शहर की नजर रहती है। जिन लोगों की नियुक्ति कांग्रेस ने एल्डरमेन के लिए की है उनमें से अधिकतर लोग इस पैमाने में नहीं बैठते। एक सरल शब्दों में समझा जाए तो अपने खास लोगों को उपकृत्य करने के लिए 7 एल्डरमेन की नियुक्ति की गई है।

विदित हो कि शुरुआत से जोगी कांग्रेस के लोगों का विरोध होने के बाद भी उन्हें इस लिस्ट में शामिल करना आने वाले समय में कांग्रेस के लिए बड़ा सिरदर्द साबित होगी।

लैलूंगा विधायक से उनके ही कार्यकर्ता नाराज

विधानसभा चुवान 2018 के बाद से अब तक के कार्यकाल को देखें तो यह साफ है कि लैलूंगा विधायक राजनीतिक मोर्च पर निष्क्रिय ही साबित हुए हैं। जहां कम-से-कम दो एल्डरमेन उनके द्वारा मनोनीत होता वहां उनका एक भी एल्डरमेन नहीं होना और उनके बिना सलाह-मशविरा के 7 नामों की लिस्ट जारी कर देना लैलूंगा कांग्रेस समेत जिला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के लिए बड़ा सवालिया निशान है। लैलूंगा विधायक से उनके कार्यकर्ता नाराज हैं जिन्होंने एल्डरमेन की नियुक्ति को संशोधित करने के लिए सीधे मुख्यमंत्री को खत लिखा है। इन सब के बाद भी लैलूंगा विधायक का अभी तक इस पूरे मामले में कोई बयान नहीं आया है।

मुख्यमंत्री से यह की गई शिकायत

चिट्ठी में लिखा है कि कांग्रेस पार्टी का विधानसभा चुनाव में जिन-जिन लोगों ने खुलकर विरोध किया है उन्हें भी शामिल किया गया है जो कि पार्टी के निष्ठावान कार्यकर्ताओं की आशाओं के विपरीत है। इससे जमीनी कार्यकर्ताओं में मायूसी व्याप्त है।
आपके अपने (भूपेश बघेल) अध्यक्षीय कार्यकाल में अजीत जोगी को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया और आपके अपने ही नेताओं ने ऐसे कार्यकर्ताओं को हाथों-हाथ उठा लिया है।
कांग्रेस को नुकसान पहुंचाने वाले जोगी कांग्रेस के कार्यकर्ताओं को एल्डरमेन जैसे प्रमुख पद से हटाकर कार्यकर्ताओं को हतोत्साहित होने से बचाएं। लैलूंगा विधानसभा के कार्यकर्ताओं को आप से ही आस है।

पत्र भेजने वालों में लैलूंगा विधान सभा क्षेत्र के पार्षद आदित्य बाजपेयी, मनोज जायसवाल (अध्यक्ष पिछड़ा वर्ग प्रकोष्ठ), जितेंद्र सिंह अध्यक्ष आईटी सेल, ममता साहू, शौकी लाल प्रधान।