इन राज्यों में दिवाली के बाद खुलेंगे स्कूल..! छत्तीसगढ़ में स्कूल, कॉलेज खुलने को लेकर सरकार ने कही ये बातें..!


इस कोरोना काल में यूपी-बिहार सहित कई राज्यों ने स्कूल खोल दिया है लेकिन कुछ राज्यों में अभी भी स्कूल बंद हैं। इसी बीच महाराष्ट्र सरकार ने भी स्कूल खोलने का फैसला लिया है। सूबे के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने इस संबंध में कहा है कि हम सभी एहतियाती कदम उठाते हुए दिवाली के बाद स्कूलों को फिर से खोलने पर विचार कर रहे हैं।

वहीं छत्‍तीसगढ़ सरकार ने कहा है कि सूबे में कोरोना की स्थिति को देखते हुए फिलहाल स्‍कूल बंद रखे जाएंगे। उत्‍तर प्रदेश, बिहार, जम्‍मू-कश्‍मीर, उत्‍तराखंड सहित कई राज्‍यों में 15 अक्‍टूबर से स्‍कूल खुल चुके हैं।

दिल्ली में कोरोना वायरस मामले के बढ़ते मामलों के मद्देनजर अगले आदेश तक स्कूल बंद रखने का निर्णय केजरीवाल सरकार ने पिछले दिनों लिया है।

पिछले रविवार को महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने कहा कि हम सभी एहतियाती कदम उठाते हुए दिवाली बाद स्‍कूल फिर से खोलेन पर विचार कर रहे हैं।

दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि कोविड-19 हालात के मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी के सभी स्कूल अगले आदेश तक बंद रहेंगे। सिसोदिया ने कहा कि परिजन फिलहाल स्कूल खोले जाने के पक्ष में नहीं हैं।

अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में 16 से खुलेंगे स्कूल

अरुणाचल प्रदेश और तमिलनाडु में 16 नवंबर यानी दिवाली के बाद से स्कूल खुल जाएंगे. अरुणाचल प्रदेश में जहां 10वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए दिवाली के बाद स्कूल खुलेंगे. वहीं, तमिलनाडु में 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए कक्षा चलाने का निर्णय सरकार की ओर से किया गया है. इन दोनों राज्यों में स्कूल जाने वाले छात्रों के लिए मास्क लगाना जरूरी है।

बंगाल में एक दिसंबर से खुल सकते हैं स्कूल कॉलेज

पश्चिम बंगाल की ममता सरकार ने कोरोना के मामलों को देखते हुए 30 नवंबर तक राज्य के सभी शिक्षण संस्थानों को बंद रखने का आदेश दिया है. यदि 30 नवंबर के बाद हालात राज्य सरकार को सामान्य लगते हैं औऱ उन्हें लगता है कि अब स्कूल कॉलेज खोला जा सकता हैं तो 1 दिसंबर से स्कूल खोलने पर सरकार फैसला ले सकती है

केंद्र का गाइडलाइन, जानें ये जरूरी बात

  • स्कूल जाना अनिवार्य नहीं, ऑनलाइन क्लासेज का भी विकल्प।
  • स्कूल जाने के लिए अभिभावकों की लिखित अनुमति जरूरी।
  • परिसर, फर्नीचर, स्टेशनरी, पानी, शौचालयों का संक्रमणमुक्त जरूरी।
  • सिटिंग प्लान में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान, अलग-अलग टाइम टेबल।
  • स्कूल में डॉक्टर या नर्स या अटेंडेंट फुल टाइम मौजूद होना चाहिए।
  • छात्र, शिक्षक के हेल्थ स्टेटस को अपडेट करना जरूरी।