रायगढ़ पॉलिटेक्निक कॉलेज में 336 सीट हेतु 11 सौ विद्यार्थियों के आये आवेदन.. केआईटी कॉलेज में आये 40 आवेदन..!


रायगढ़ 03 सितंबर। इंजीनियरिंग, पॉलीटेक्निक कॉलेज और आईटीआई में एडमिशन चल रहे हैं। इसमे पढ़ाई जल्दी पूरी होने, बेहतर प्लेसमेंट और उद्योगों में अधिक माँग वाले ट्रेड के कारण विद्यार्थियों का रुझान ज्यादा पॉलीटेक्निक और आईटीआई में नजर आ रहा है। रायगढ़ पॉलीटेक्निक कॉलेज की 336 सीटों के लिए 11 सौ एडमिशन फार्म आए हैं।

आईटीआई में वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम को लेकर पूछताछ करने वाले युवाओं की संख्या भी अधिक दिखती नज़र आ रही है। पॉलीटेक्निक में इलेक्ट्रॉनिक्स, मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल और सिविल जैसे विषयों में सबसे ज्यादा फ्रॉम आए हैं । वहीं आईटीआई कॉलेज में वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम भी इसी आधार पर विषय तैयार कर रहे हैं । ऐसे ट्रेड की ट्रेनिंग दी जाएगी जिससे उद्योगों में प्लेसमेंट आसानी से हो जाए। शहर के किरोड़ीमल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानि केआईटी में इंजीनियरिंग की पढ़ाई करने में विद्यार्थियों की रूचि कम दिख रही है।

यहां 258 कुल सीटें हैं, पहले राउंड की काउंसलिंग के बाद यहां लगभग 40 एडमिशन हुए हैं। महाविद्यालय प्रबंधन का मानना है कि दूसरे और तीसरे राउंड में सारी सीटें फुल हो जाएंगी।

पॉलीटेक्निक कॉलेज में इस बार भर्ती हेतु 25 सितंबर से शुरू हुआ है। 7 अक्टूबर तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन होना है, इसके बाद दाखिला शुरू होगा। जिले में प्लेसमेंट 86 फीसदी तक रहा है, जो पूरे राज्य अव्वल है। यहां इलेक्ट्रिकल की 84 सीटों के लिए 283, मैकेनिकल की 84 सीटों पर 236 आवेदन, सिविल में 42 सीटों पर 217 आवेदन आए हैं।

रोजगार की डिमांड को देखते हुए कोर्स
आईटीआई के प्रिंसिपल कन्हैया लाल पटेल ने बताया कि जिले में उद्योगों की भरमार है, आसपास भी टेक्नीकल वर्कर की जरूरत है। ऐसे में आईटीआई के स्टूडेंट्स के लिए अच्छा स्कोप है। रायगढ़ के उद्योगों की जरूरत के हिसाब से ट्रेनिंग प्रोग्राम बनाए गए हैं। वोकेशनल ट्रेनिंग प्रोग्राम में प्रशिक्षित युवाओं को जिले में ही काम मिल जाएगा। वीटीपी में वेल्डर, फीटर, कारपेंटर, हाउस वाइरिंग जैसे कोर्स के साथ उद्योग की डिमांड के अनुसार कोर्स डिजाइन किया जाएगा।

स्टूडेंट्स के साथ पैरेंट्स को भी जॉब सिक्यूरिटी चाहिए
“अब स्टूडेंट्स के साथ में उनके पैरेंट्स को बच्चों की जॉब सिक्यूरिटी चाहिए, वे अपने बच्चों वही कोर्स कराना चाह रहे हैं। जिसमें उन्हें नौकरी पढ़ाई के तुरंत बाद मिल सके। रायगढ़ में इंजीनियरिंग कॉलेज जब शुरू हुई तो इंजीनियरिंग के हम लोगों प्रोफेसरों साथियों ने मांग रखी थी कि शॉट टर्म कोर्स शुरू किया जाए, लेकिन ध्यान नहीं दिया गया। आज कॉलेज की स्थिति सबके सामने है। पॉलीटेक्निक और आईटीआई में प्लेसमेंट की गारंटी है। औद्योगिक जिला होने की वजह से यहां जॉब मिल भी रहा है। राज्य के दूसरे पॉलीटेक्निक कॉलेज या आईटीआई की स्थिति इतनी अच्छी नहीं है।”
-डीएस ठाकुर, रिटायर्ड प्रोफेसर, पॉलीटेक्निक कॉलेज

एडमिशन के बाद बीओजी की बैठक होगी
“आईटीआई, पॉलीटेक्निक में स्टूडेंट्स ग्राउंड लेवल पर जाकर प्रैक्टिकल चीजों को समझते हैं और थ्योरी भी पढ़ते है। इंजीनियरिंग थ्योरी ज्यादा है, इसलिए रुझान 2005 के बाद कम हुआ है। केआईटी में अंतिम राउंड तक एडमिशन होने उम्मीद है। इस साल कॉलेज के संचालन के लिए डीएमएफ से डेढ़ करोड़ रुपए मांगे है। आगे कॉलेज किस तरह से चलाना है इसे लेकर मंत्री महोदय की अध्यक्षता में बोर्ड ऑफ डायरेक्टर की बैठक होगी, उसमें निर्णय होगा।”
-जीके अग्रवाल, प्रिंसिपल, केआईटी